स्वामी राघवाचार्य के प्रवचन में हनुमन्नाटक के प्रसङ्ग के सन्दर्भानुसार रावण की अच्छाईयों पर निग्रहाचार्य की टिप्पणी का सामयिक औचित्य तथा अविवेकी प्रोफेसरों के द्वारा नकली धर्मगुरु खड़े करने एवं राजनैतिक हिन्दुओं की मूर्खता के विप्लवकारी परिणाम पर निग्रहाचार्य श्रीभागवतानंद गुरु का कथन।
Share OptionsRelated Posts
रुद्र महायज्ञ, कुसुमघटा, छत्तीसगढ़ में निग्रहाचार्य श्रीभागवतानंद गुरु के आगमन एवं व्याख्यान की स्मृतियां
कुसुमघटा, छत्तीसगढ़ में आयोजित श्रीरुद्र महायज्ञ में धर्मसिद्धान्तों की सरल व्याख्या करते निग्रहाचार्य श्रीभागवतानंद गुरु के प्रवचन का प्रथम भाग।…
क्या भगवान् ब्रह्मा ने अपनी ही पुत्री सरस्वती का बलात्कार किया था ?
क्या भगवान् ब्रह्मदेव ने अपनी ही पुत्री देवी सरस्वती का बलात्कार किया था ? क्या है ब्रह्मा एवं सरस्वती के…
पालघर में मरा सन्त हो गया जीवित ?
क्या हुआ चमत्कार या चल रहा कोई बड़ा षड्यन्त्र ? पालघर हत्याकाण्ड में मर चुके जूना अखाड़ा के सन्त सुशील…
